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नरमल की क़रीशी समुदाय को नगरपालिका की ओर से कठिनाइयों का सामना, कोई राजनीतिक नेता और पत्रकार आवाज़ उठाने वाला नहीं : मुफ़्ती अब्दुलअलीम फ़ैसल क़ासमी
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नरमल की क़रीशी समुदाय को नगरपालिका की ओर से कठिनाइयों का सामना, कोई राजनीतिक नेता और पत्रकार आवाज़ उठाने वाला नहीं : मुफ़्ती अब्दुलअलीम फ़ैसल क़ासमी

Dabang Sahafat•25 अगस्त 2026 को 07:45 am बजे•2 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें

नरमल की क़रीशी भाई-बहन को नगरपालिका से समस्याओं का सामना, कोई राजनीतिक नेता और पत्रकार आवाज़ उठाने वाला नहीं : मुफ्ती अब्दुलअलीम फयज़ कासमी

नरमल की क़रीशी समुदाय को नगरपालिका की ओर से कठिनाइयों का सामना, कोई राजनीतिक नेता और पत्रकार आवाज़ नहीं उठा रहा: मुफ्ती अब्दुलअलीम फ़ैसल क़ासमी

मुफ़्ती अब्दुलअलीम फ़ैसल क़ासमी, जनरल सेक्रेटरी जमीयत उलमा हिंद जिला नरमल, अपने पत्रकारिता बयान में कहा है कि नरमल शहर में स्लैटर हाउस को लेकर क़रीशी समुदाय को नगरपालिका की ओर से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, कमिश्नर नगरपालिका के, वैकल्पिक स्लैटर हाउस के प्रबंधन के बिना अचानक क़रीशियों को मांस न काटने का आदेश मिलने पर उकसाए हुए क़रीशी समुदाय ने पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शनों के रूप में मांस की दुकानें बंद कर रखी हैं, लेकिन अत्यंत अफ़सोस की बात यह है कि किसी राजनीतिक नेता ने अब तक क़रीशियों के हक़ की आवाज़ नहीं उठाई, चुनाव के मौके पर बड़ी‑बड़ी बातें करने वाले आज चुप क्यों हैं?

ज़र्रे को सूरज बनाकर पेश करने वाले हमारे समुदाय के पत्रकार जनों की ज़ुबान व कलम गूँ क्यों है?

क्या क़रीशी जनों का बंद व्यवसाय और उनका आर्थिक नुकसान समाज के एक वर्ग का नुकसान नहीं है?

इसलिए मेरी सभी राजनीतिक पार्टियों के मुस्लिम नेताओं और सभी पत्रकारों से अपील है कि क़रीशियों के हक़ में एकजुट मजबूत आवाज़ उठाएँ ताकि उनका मुद्दा हल हो सके।
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