हैदराबाद का जलवायु: मौसमी बदलाव और पर्यावरणीय प्रभाव
Dabang Sahafat••1 व्यूज़•1 मिनट पढ़ें
हैदराबाद में गर्म, शुष्क ग्रीष्म, राहत लाने वाला मानसून और हल्की सर्दियाँ होती हैं। डेक्कन पठार में स्थित और अरब सागर के निकट होने के कारण शहर की जलवायु, जल संसाधनों, कृषि और शहरी योजना को प्रभावित करती है।
हैदराबाद, तेलंगाना की राजधानी, डेक्कन पठार पर लगभग 540 मीटर ऊँचाई पर स्थित है, जिससे इसका जलवायु आंतरिक भारत के चरम सीमाओं और अरब सागर के तटीय प्रभावों का मिश्रण है। पिछले वर्ष में, शहर ने मई में 40 °C के तीव्र उच्च तापमान से लेकर दिसंबर में 15 °C के सुखद निम्न तापमान तक के तापमान बदलाव दर्ज किए हैं, जबकि मानसून सीजन में औसतन 700 mm वर्षा होती है। ये मौसमी पैटर्न पानी की आपूर्ति से लेकर सार्वजनिक स्वास्थ्य तक सब कुछ प्रभावित करते हैं, जिससे शहर के अधिकारी और शोधकर्ता रुझानों पर करीबी निगरानी रख रहे हैं।
**गर्मी (मार्च‑मई)** प्री‑मानसून महीनों में तीव्र गर्मी और कम आर्द्रता होती है। दैनिक अधिकतम तापमान अक्सर 38‑40 °C की सीमा को पार करते हैं, जिससे बिजली ग्रिड पर दबाव पड़ता है और ठंडक की मांग बढ़ती